सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

राजनीति, बुद्धि और धूर्तता Politics, Intelligence and Con ~ Shubhanshu

कुछ बातें आधारभूत रूप से असंभव हैं। जैसे राजनीति में अच्छे और बुद्धिमान व्यक्ति का टिक पाना। लगभग 4% लोग ही बुद्धिमान, अच्छे व राजनीति से दूर होते हैं और बाकी के लोग अपने जैसा नेता चुनते हैं। 😂 असल में, कम बुद्धिमान लोगों को ही दूसरों की ज्यादा ज़रूरत पड़ती है। इसीलिए राजनीति का जन्म हुआ। बुद्धिमान लोग हमेशा कम मेहनत वाले अपने कामो में लगे रहे और कम बुद्धि वाले लोग किसी न किसी धूर्त की सेवा करने में लगे रहे। आपको तो पता ही होगा कि दुनिया में जो व्यक्ति अपना नुकसान कर ले, उसे ही लोग अच्छा समझते हैं। लेकिन साथ ही उसे मूर्ख भी बोल कर उसका शोषण भी शुरू कर देते हैं। इसीलिए जो मूर्ख नहीं होता, धूर्त होता है, वही नेता बन पाता है और फिर अच्छे (मूर्ख) लोगों का शोषण शुरू कर देता है। 😂 राजनीति बुरी नहीं है, अगर इसे कम्प्यूटर चलाये। समस्या इंसान की धूर्तता, शासन करने की हवस, लालच, नफ़रत, और घमंड है। जो कभी खत्म नहीं हो सकता। इंसान का अस्तित्व ही इस बुराई के साथ है। इसीलिए अपनी अलग दुनिया बसाओ, आम जनजीवन से जितना दूर रह सकते हो, रहो। जीवन मे कुछ अच्छा और मनोरंजक करो। लोगों तक अपनी बात पहुँचा सकते हो...

सूजी व पीनट बटर का वेनिला स्वाद में हलवा

थोड़ी सूजी भून लें सुनहरी होने तक।


साथ ही दूसरे बर्तन में 3-4 चम्मच वीगन शक्कर मिला कर पानी उबाल लें।



अब आवश्यकता अनुसार मीठा पानी धीरे-धीरे सूजी में डालें और चलाते रहें।



पहले पानी देखने में ज्यादा लगता है फिर सूजी फूलने लगेगी और गाढ़ी होने लगेगी।


इसी समय 1 चम्मच पीनट बटर इसमें मिला दीजिये।

अब काजू लेकर उसे तोड़ लें और मिला दें साथ में ही।

जब पर्याप्त गाढ़ा हो जाये तो गैस बंद कर दें और 2-3 बून्द वेनिला एसेंस डाल कर मिला लें।

अब तैयार मिश्रण को गहरी कटोरी में जैतून का तेल लगा कर या ऐसे ही ठूंस कर एक समान भर दें और ऊपर से पिसी हरी इलायची डाल दें।


अब इसको ठंडा होने दें। ठंडा होने पर कटोरी को पलट कर हलवा केक बाहर निकाल लें। इस को चम्मच से काट-काट के खाइए अन्यथा उंगली चबा जाएंगे। ~ Shubhanshu the Experimental चूतिया Shef 2020©


टिप्पणियाँ